क्षत्रिय फिर जुड़ रहा है
धर्म के पथ पर मुड़ रहा है
संस्कार फिर जाग रहे है
शत्रु विचलित भाग रहे हैं
शक्ति का संचार हुआ है
कौम का विस्तार हुआ है
मन में जगी है एक उम्मीद
मन को होने लगा विश्वाश
सफर नया जो शुरू हुआ है
पूरी करेगा सबकी आस
आरक्षण से मिलेगी मुक्ति
एकता होगी अपनी शक्ति
जुडो जुडो और जोड़े जाओ
कौम की खातिर दौड़े आओ
अपनों की करो पहचान
तभी बनेगी अपनी शान
राजनीती के बन्धन तोड़ो
राजपूतो से नाता जोड़ो
राज लाना यदि है सपना
राजपूत ही हो नेता अपना
राजपूतों का है अधिकार
राजपूत हैं सच्ची सरकार
न्याय दया धर्म का बेटा
राजपूत हो अपना नेता
करण के जैसा हो दानवीर
प्रताप सा हो वो शूरवीर
हरिश्चंद्र सा न्याय हो करता
युधिष्टर सा धर्म पर चलता
राम सा हो वो संस्कारी
माता पिता का आज्ञाकारी
कृष्ण सा हो वो प्रतापी
चहुँ और हो उसकी ख्याति
राजपुताना की हो वो शान
देशप्रेम हो उसका मान
नोट:-क्षत्रिय भाई चारे को समर्पित ये शब्द सिर्फ पढ़ें नहीं इन्हें अपने दिमाग में स्थान दें।
धर्म के पथ पर मुड़ रहा है
संस्कार फिर जाग रहे है
शत्रु विचलित भाग रहे हैं
शक्ति का संचार हुआ है
कौम का विस्तार हुआ है
मन में जगी है एक उम्मीद
मन को होने लगा विश्वाश
सफर नया जो शुरू हुआ है
पूरी करेगा सबकी आस
आरक्षण से मिलेगी मुक्ति
एकता होगी अपनी शक्ति
जुडो जुडो और जोड़े जाओ
कौम की खातिर दौड़े आओ
अपनों की करो पहचान
तभी बनेगी अपनी शान
राजनीती के बन्धन तोड़ो
राजपूतो से नाता जोड़ो
राज लाना यदि है सपना
राजपूत ही हो नेता अपना
राजपूतों का है अधिकार
राजपूत हैं सच्ची सरकार
न्याय दया धर्म का बेटा
राजपूत हो अपना नेता
करण के जैसा हो दानवीर
प्रताप सा हो वो शूरवीर
हरिश्चंद्र सा न्याय हो करता
युधिष्टर सा धर्म पर चलता
राम सा हो वो संस्कारी
माता पिता का आज्ञाकारी
कृष्ण सा हो वो प्रतापी
चहुँ और हो उसकी ख्याति
राजपुताना की हो वो शान
देशप्रेम हो उसका मान
नोट:-क्षत्रिय भाई चारे को समर्पित ये शब्द सिर्फ पढ़ें नहीं इन्हें अपने दिमाग में स्थान दें।
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