Thursday, 26 November 2015

क्षत्रिय फिर जुड़ रहा है

क्षत्रिय फिर जुड़ रहा है
धर्म के पथ पर मुड़ रहा है

संस्कार फिर जाग रहे है
शत्रु विचलित भाग रहे हैं

शक्ति का संचार हुआ है
कौम का विस्तार हुआ  है

मन में जगी है एक उम्मीद
मन को होने लगा विश्वाश

सफर नया जो शुरू हुआ है
पूरी करेगा सबकी आस

आरक्षण से मिलेगी मुक्ति
एकता होगी अपनी शक्ति

जुडो जुडो और जोड़े जाओ
कौम की खातिर दौड़े आओ

अपनों की करो पहचान
तभी बनेगी अपनी शान

राजनीती के बन्धन तोड़ो
राजपूतो से नाता जोड़ो

राज लाना यदि है सपना
राजपूत ही हो नेता अपना

राजपूतों का है अधिकार
राजपूत हैं सच्ची सरकार

न्याय दया धर्म का बेटा
राजपूत हो अपना नेता

करण के जैसा हो दानवीर
प्रताप सा हो वो शूरवीर

हरिश्चंद्र सा न्याय हो करता
युधिष्टर सा धर्म पर चलता

राम सा हो वो संस्कारी
माता पिता का आज्ञाकारी

कृष्ण सा हो वो प्रतापी
चहुँ और हो उसकी ख्याति

राजपुताना की हो वो शान
देशप्रेम हो उसका मान

नोट:-क्षत्रिय भाई चारे को समर्पित ये शब्द सिर्फ पढ़ें नहीं इन्हें अपने दिमाग में स्थान दें।

एक क्षत्रिय

एक क्षत्रिय श्री राम थे,
विश्व विजय किया, पुरुषोत्तम हुए.

एक क्षत्रिय भगीरथ थे
स्वर्ग से माँ गंगा ज़मीन पर लाकर भारत का उद्धार किया ..

एक क्षत्रिय राजा हरिश्चंद्र थे
जिनकी सत्यता देखकर देवताओं ने रो दिया.

एक क्षत्रिय भीष्मपितामह थे
जो जगतपिता श्री कृष्ण का भी वचन तुड़वा दिये.

एक क्षत्रिय महाराणा थे
जिसने घास की रोटी खायी मुगलों के सामने झूके नहीँ.

सोचो भाईयों अगर हम सभी एक हो जायें तो क्या होगा
\\ एक बनो नेक बनो //

Meaning of Rajput

Meaning of Rajput
R :- rakshaa aapno dharm
A :- agni aapni laaj
J :- jay aapno maksad
P :- prahaar aapno swaroop
U :- unnati aapni dhaal
T :- talwaar aapno shastra

राजपुत अपनी सियासत खुद लेकर चलते है

ना हम केसरीया रंग छोड सकते हॆ,
न जीने का ढंग छोड सकतेहॆ,

अरे फितरत से सिरफिरे हॆ हम,

न हॊसला-ए-दबंग छोड़ सकते हॆ,
न ही राजपुताना छोड़ सकते है ।।।

ताजमहल अगर प्यार की निशानी है तो,
याद रखना हल्दी घाटी तुम्हारे बाप की कहानी है !!

ताज कि फिकर तो बादशाहों को होती हे,
हम तो RAJPUT हे,
RAJPUT अपनी सियासत खुद लेकर चलते ह ||

"Rajput Ekta"
Run For Rajput Ekta

બીજુ કશૂજ નઇ બસ એક થવાની જરુર છે

સરદાર વલભભાઈ પટેલ નો જોધપૂર ના રાજા ની એક રાજપૂતો સાથેની  મિટિંગ મા ખુલાશો.

જંયા સુધી રાજપૂતો રાજ કરતા હતા તયાં સુધી મંદીર માંથી કોઇ ચંપલ પણ ચોરી નહોતુ કરતુ.
અને આજ ના જમાના માં ભગવાન ની મુરતી પણ ગાયબ થઇ જાય છે. સરદાર પટેલે રાજા-રજવાડાઓ ના પગે પડી ,રાજાઓ ને રિઝવી રાજપૂતો નુ રાજ છીનવી નબળા લોકો ને આપી દિધુ.

પછી શહેરો માં ચોરીઓ,મડર, લાંચ, ભ્ષઠાચાર,જેવા અનેક ગુનાઓ વધી ગયા. નિઁદોષ જેલ ના સળીયા પાછડ છે. જંયારે દોષીતો પૈસા ના પાવર થી ખુલેઆમ ફરે છે.

આ પછી "કળીયુગ" ની શરુવાત થઇ.
શુ રાજપૂતો તમે તમારૂ છીનવી ને લીધેલુ રાજ પાછુ ના લઇ શકો.??
અરે...રાજપૂતો જો ધારે ને તો દિવસ ને રાત મા પણ ફેરવવાની ક્ષમતા ધરાવે છે

અરે એક સાધુ ની ભવિષય વાણી છે કે..ક્ષત્રિયો જાગશે ને......પછી સતયુગ આવશે..
આ બધૂ કરવા માટે બીજુ કશૂજ નઇ બસ એક થવાની જરુર છે.

कब्रिस्तान से भी गुज़रते हैं तो मुर्दे उठ कर कहते हैं

जब हम सिंहासन पर बैठते हैं तो राजा कहलाते हैं,
जब हम घोड़े पर सवार होते हैं तो योद्धा कहलाते हैं,
जब हम किसी की जान बचाते हैं तो क्षत्रिय कहलाते हैं,
जब हम किसी को वचन देते हैं तो "राजपूत" कहलाते हैं।

हमारी शक्सियत का अंदाज़ा तुम क्या लगाओगे गालिब,
हम तो कब्रिस्तान से भी गुज़रते हैं तो मुर्दे उठ कर कहते हैं...
"जय माताजी जी BAPU"

मुछो की मरोड़ी लगाने से कोई राजपूत नहीं बनता

सिंह का मुखोटा लगाकर कोई शेर
नहीं बनता,
भाला उठाकर कोई राणा प्रताप
नहीं बनता.

रणभूमी में पता चलता हे योद्धाओ का,
मुछो की मरोड़ी लगाने से कोई राजपूत नहीं बनता.

"Rajput Ekta"
|| Run For Rajput Unity |